छठ पूजा कथा in Hindi PDF | Chhath Puja Samagri list 2021

महाछठ पूजा में सूर्य भगवान को जल अर्घ्य किया जाता है। और छठी मैया की पूजा अर्चना की जाती है। छठ पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक की जाती है। जिसमें छठी मैया व्रत 36 घंटे का होता है। जो इस वर्ष 2021 में 10 नवंबर षष्ठी तिथि से अगले दिन 11 नवंबर सप्तमी तिथि तक रखा जायेगा। यदि आप छठ पूजा (षष्ठी पूजा) व्रत कथा, समाग्री लिस्ट डाउनलोड करना चाहते हैं। तो नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

Chhath Puja Vrat Katha in hindi PDF

Subject Chhath Puja 2021 in Hindi
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Category General
छठ पूजा Year 2021
PDF Status Available
Language in  Hindi छठ पूजा व्रत कथा
Latest Update
Chhath Puja 2021 Date in Bihar 10 नवंबर Pujan Vidhi Mantra
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Process  Puja Vidhi (Samagri List)
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छठ पूजा कथा in Hindi

छठ पूजा कथा की पौराणिक कथा है। जिसमें छठी मैया का व्रत 36 के लिए रखा जाता है। यह व्रत संतान प्राप्ति व बच्चों के सुख समृद्धि के लिए माता द्वारा रखा जाता है। पौराणिक कथाओं की मान्यता के अनुसार प्रियव्रत नाम के एक राजा थे। उनकी पत्नी का नाम मालिनी था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। इस बात से राजा और उसकी पत्नी बहुत दुखी रहते थे। उन्होंने एक दिन संतान प्राप्ति की इच्छा से महर्षि कश्यप द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। इस यज्ञ के फलस्वरूप रानी गर्भवती हो गईं। नौ महीने बाद संतान सुख को प्राप्त करने का समय आया तो रानी को मरा हुआ पुत्र प्राप्त हुआ। इस बात का पता चलने पर राजा को बहुत दुख हुआ।
संतान शोक में वह आत्म हत्या का मन बना लिया। लेकिन जैसे ही राजा ने आत्महत्या करने की कोशिश की उनके सामने एक सुंदर देवी प्रकट हुईं। देवी ने राजा को कहा कि मैं षष्टी देवी हूं। मैं लोगों को पुत्र का सौभाग्य प्रदान करती हूं। इसके अलावा जो सच्चे भाव से मेरी पूजा करता है, मैं उसके सभी प्रकार के मनोरथ को पूर्ण कर देती हूं। यदि तुम मेरी पूजा करोगे तो मैं तुम्हें पुत्र रत्न प्रदान करूंगी। देवी की बातों से प्रभावित होकर राजा ने उनकी आज्ञा का पालन किया। राजा और उनकी पत्नी ने कार्तिक शुक्ल की षष्टी तिथि के दिन देवी षष्टी की पूरे विधि-विधान से पूजा की। इस पूजा के फलस्वरूप उन्हें एक सुंदर पुत्र की प्राप्ति हुई। तभी से छठ का पावन पर्व मनाया जाने लगा।

छठ व्रत के संदर्भ में एक अन्य कथा के अनुसार जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में हार गए, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा। इस व्रत के प्रभाव से उसकी मनोकामनाएं पूरी हुईं तथा पांडवों को राजपाट वापस मिल गया।

Chhath Puja Samagri List in Hindi

  • पांच गन्ने जिसमें पत्ते लगे हों,
  • पानी वाला नारियल,
  • अक्षत,
  • पीला सिंदूर,
  • दीपक,
  • घी,
  • बाती,
  • कुमकुम,
  • चंदन,
  • धूपबत्ती,
  • कपूर,
  • दीपक,
  • अगरबत्ती,
  • माचिस,
  • फूल,
  • हरे पान के पत्ते,
  • साबुत सुपाड़ी,
  • शहद का भी इंतजाम कर लें
  • अलावा हल्दी,
  • मूली
  • अदरक का हरा पौधा,
  • बड़ा वाला मीठा नींबू,
  • शरीफा,
  • केला
  • नाशपाती
  • कैराव,
  • कपूर,
  • मिठाई
  • सूट या साड़ी
  • बांस की दो बड़ी-बड़ी टोकरियां
  • दूध और जल के लिए एक ग्लास

chhath puja 2021 Date panchang

  • 8 नवंबर 2021 (नहाय-खाय)
  • 9 नवंबर 2021 (खरना)
  • सूर्य भगवान को पहला अर्ध्य 10 नवंबर 2021 (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
  • छठ पर्व का समापन 11 नवंबर 2021 (उगते सूर्य को अर्घ्य)

Chhath Puja Vidhi

  •  छठ पूजा विधि बहुत ही खास है। इस पूजा में भक्तों द्वारा छठी मैया की पूजा पानी में खड़े हो कर की जाती है। जो किसी नदी या तालाब में जाकर की जाती है।
  • Chhath Puja के पहले दो दिन पूर्व (चतुर्थी )को स्नानादि से निवृत्त होकर भोजन किया जाता है।
    और पंचमी को उपवास करके संध्याकाल में किसी तालाब या नदी में स्नान करके सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाता है। तत्पश्चात अलोना (बिना नमक का) भोजन किया जाता है।
  • षष्ठी के दिन प्रात:काल स्नानादि के बाद संकल्प लिया जाता है। संकल्प लेते समय इन मंत्रों का उच्चारण करें।
    ॐ अद्य अमुक गोत्रो अमुक नामाहं मम सर्व पापनक्षयपूर्वक शरीरारोग्यार्थ श्री सूर्यनारायणदेवप्रसन्नार्थ श्री सूर्यषष्ठीव्रत करिष्ये।
    पूरा दिन निराहार और नीरजा निर्जल रहकर पुनः नदी या तालाब पर जाकर स्नान किया जाता है और सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है।
    अर्घ्य देने की भी एक विधि होती है। एक बांस के सूप में केला एवं अन्य फल, अलोना प्रसाद, ईख आदि रखकर उसे पीले वस्त्र से ढंक दें। तत्पश्चात दीप जलाकर सूप में रखें और सूप को दोनों हाथों में लेकर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए तीन बार अस्त होते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते।
    अनुकम्पया मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर:॥
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